Guru Gobind Singh Jayanti 2025: ‘सवा लाख से एक लड़ाऊं…’ गुरु गोबिंद सिंह जी के ये 5 उपदेश बदल देंगे आपकी जिंदगी, आज अपनों को भेजें ये संदेश

Guru Gobind Singh Jayanti 2025: ‘सवा लाख से एक लड़ाऊं…’ गुरु गोबिंद सिंह जी के ये 5 उपदेश बदल देंगे आपकी जिंदगी, आज अपनों को भेजें ये संदेश

श भर में आज सिखों के 10वें गुरु और खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह जी (Guru Gobind Singh Ji) का प्रकाश पर्व (जयंती) बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जा रहा है। गुरुद्वारों में ‘कीर्तन’ और ‘अरदास’ की गूंज है।

गुरु गोबिंद सिंह जी न केवल एक महान आध्यात्मिक गुरु थे, बल्कि एक अद्वितीय योद्धा और कवि भी थे। उनका जीवन साहस, त्याग और मानवता की सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण है। उनकी कही गई बातें आज भी हमें जीवन की मुश्किलों से लड़ने की ताकत देती हैं।

“सवा लाख से एक लड़ाऊं…” का असली मतलब

गुरु गोबिंद सिंह जी का यह उद्घोष आज भी रोंगटे खड़े कर देता है:

“चिड़िया नाल मैं बाज लड़ाऊं, गीदड़ां नू मैं शेर बनाऊं, सवा लाख से एक लड़ाऊं, तां गोविंद सिंह नाम कहाऊं।”

इसका अर्थ है कि इंसान के अंदर इतना आत्मबल (Confidence) होना चाहिए कि वह अकेला ही लाखों की फौज या मुसीबतों का सामना कर सके। यह सिर्फ युद्ध का मंत्र नहीं, बल्कि जीवन जीने का जज्बा है।

गुरु गोबिंद सिंह जी के 5 अनमोल उपदेश (5 Life Changing Lessons)

अगर आप जीवन में सफलता और शांति चाहते हैं, तो गुरु साहिब की इन 5 बातों को आज ही गांठ बांध लें:

  1. डर से मत भागो: गुरु जी ने सिखाया कि जुल्म सहना, जुल्म करने से भी बड़ा पाप है। अपनी हक की लड़ाई के लिए कभी पीठ मत दिखाओ।
  2. कमजोर की रक्षा: असली ताकतवर वह नहीं जो दूसरों को डराए, बल्कि वह है जो कमजोरों की ढाल बने। “दीन-दुखियों की सेवा ही ईश्वर की सेवा है।”
  3. चरित्र ही सबकुछ है: इंसान अपने कर्मों से महान बनता है, जन्म से नहीं। हमेशा सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलो, चाहे कितनी भी कठिनाई आए।
  4. सब एक समान हैं: “मानस की जात सब एकै पहचानबो” – यानी पूरी मनुष्य जाति एक ही है। धर्म, जाति या रंग के आधार पर भेदभाव करना अज्ञानता है।
  5. हमेशा चढ़दी कला में रहो: चाहे जीवन में कितनी भी विपत्ति आए, हमेशा सकारात्मक (Optimistic) रहो और ईश्वर (वाहेगुरु) पर भरोसा रखो। इसे ही ‘चढ़दी कला’ कहते हैं।

अपनों को भेजें ये बधाई संदेश (Wishes & WhatsApp Status)

इस पावन मौके पर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को ये खास संदेश भेजकर ‘गुरपुरब’ की बधाई दें:

संदेश 1: वाहेगुरु का आशीष सदा मिले, ऐसी कामना है मेरी, गुरु की कृपा से आएगी, घर में खुशहाली तेरी। हैप्पी गुरु गोबिंद सिंह जयंती!

संदेश 2: चिड़िया नाल मैं बाज लड़ाऊं, गीदड़ां नू मैं शेर बनाऊं, सवा लाख से एक लड़ाऊं, तां गोविंद सिंह नाम कहाऊं। गुरपुरब की लख-लख बधाइयां!

संदेश 3: सिर पर हाथ हो गुरुवर का, तो हर मुश्किल आसान हो जाए, जो भी ध्यावे सच्चे मन से, उसका जीवन सफल हो जाए। गुरु गोबिंद सिंह जयंती की शुभकामनाएं!

संदेश 4: खालसा मेरो रूप है खास, खालसे में करूं निवास, खालसा अकाल पुरख की फौज, खालसा मेरा मित्र सखा। प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं!

Mita

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